मेडिकल कालेज और बेस चिकित्सालय का निरीक्षण

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आयुक्त ने किया मेडिकल कालेज और बेस चिकित्सालय का निरीक्षण

स्वास्थय सेवाओं में बेहतर सुधार की दृष्टि से मेडिकल कालेज का निर्माण यथासमय हो सके, इसका विशेष ध्यान रखना होगा। यह बात आयुक्त डी0 सेंथिल पांडियन ने आज यहां मेडिकल कालेज, नर्सिग कालेज व कलेक्टृेट के निर्माण कार्यो के स्थलीय निरीक्षण के दोरान कही। उन्होंने उप्र राज्य निर्माण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखना है कि मेडिकल कक्षाएं, जो वर्ष 2017 से प्रारम्भ हो जाएंगी, उसके लिए एमसीआई के मानक के अनुसार सुविधाए मुहैया करानी हैं, उसे यथासमय पूर्ण कर लिया जाय। मंडलायुक्त ने बताया कि इसके निर्माण हेतु शीघ्र 50 करोड रूपया अनुपूरक बजट में स्वीकत कर दिया जाएगा। साथ ही जो अन्य धनराशि की आवश्यकता पडेगी, उसके लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां यथासमय पूरी कर ली जाय। मेडिकल कालेज में पानी की व्यवस्था के लिए शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश उन्होंने मौके पर उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी को दिए। इसके अलावा मेडिकल कालेज परिसर में खेल के मैदान समेत लिंक मार्ग आदि की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने किए जा रहे निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अवशेष कार्य को समय से पूर्ण कर लिया जाय। वहां पर कार्य कर रहे मजदूरों के बच्चों की पढाई के लिए भी विद्यालय की व्यवस्था करने के निर्देश भी सीडीओ को दिए। मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दोरान कहा कि विकास भवन से कोसी क्षेत्र तक मास्टर प्लान तैयार किया जाय, ताकि जिस तरह से यहां पर निर्माण कार्य हो रहा है, उसके बाद वहां पर विद्यालय, बाजार सहित अन्य सुविधाएं मुहैया हो सकें। इसके बाद उन्होंने बेस अस्पताल में पहुंचकर वहां पर हो रहे कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया और कहा कि निर्माण कार्यों को यथासमय पूरा कर लिया जाए। इसके बाद उन्होंने चिकित्सालय के जनरल वार्ड का निरीक्षण किया और वहां पर शौचालयों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद वार्डो में जाकर मरीजों से कुशलक्षेम पूछी और मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में जानकारी ली। वहां पर किसी के मरीज के पास ये कार्ड उपलब्ध नहीं मिले। इस पर सीएमओ को निर्देश दिए कि पात्र लोगों का अस्पताल में कार्ड बनाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक वार्ड में प्रचार प्रसार के लिए फृलेक्सी भी लगाई जाय। इस दौरान अस्पताल के बायो मेडिकल वेस्ट के बारे में जानकारी ली और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि शीघ्र ही प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क कर इसका निदान कराना सुनिश्चित कराएं। साथ ही बेस अस्पताल में ड्रेनेज व्यवस्था के लिए भी जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राज मार्ग के अधिकारियों के साथ उसकी व्यवस्था करें। बेस अस्पताल में बंद पडी सीटी स्कैन मशीन व मेमोग्राफी मशीन अन्य जो भी उपकरण बंद या खराब पडे हैं, उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इसके लिए तकनीशियन भेज कर यदि ठीक कराया जाना संभव हो, तो उसे ठीक कराया जाएगा। मंडलायुक्त ने सीएमओ को निर्देश दिए कि यथासंभव सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराई जाय। दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाए, बाहर से कोई मरीज दवा क्रय नहीं करे इसका ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की स्थापना चिकित्सालयों में शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है, इसका लाभ भी अधिकाधिक मरीजों को मिले। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि प्रथम वर्ष की कक्षाएं चालू करने के लिए बेस अस्पताल में जो भी औपचारिकताएं होनी है, उन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाय। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, सीडीओ जेएस नागन्याल, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा आशुतोष सयाना, परियोजना प्रबंधक विवेक अरोडा के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होने डीएम को निर्देश दिए कि चिकित्सा विभाग व कार्यदायी संस्था के साथ हर सप्ताह बैठक कर निर्माण कार्य में तेजी लाएं साथ ही चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों की संख्या सौ तक बनी रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए ताकि एमसीआई के मानकों के अनुरूप औपचारिकता पूर्ण हो सके और मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाय। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी विवेक राय, सीएमओ डा आरसी पंत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा योगेश पुरोहित, ईई लोनिवि एससी पांडे, ईई ग्रामीण विकास विभाग आशुतोष कौशिक, तहसीलदार प्रयाग दत्त सनवाल, इंजीनियर ललित पंत, अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डा डीपी दुर्गापाल, समेत कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रेस नोट अल्मोड़ा 13 अक्टूबर, 2016(सू0वि0) स्वास्थय सेवाओं में बेहतर सुधार की दृष्टि से मेडिकल कालेज का निर्माण यथासमय हो सके, इसका विशेष ध्यान रखना होगा। यह बात आयुक्त डी0 सेंथिल पांडियन ने आज यहां मेडिकल कालेज, नर्सिग कालेज व कलेक्टृेट के निर्माण कार्यो के स्थलीय निरीक्षण के दोरान कही। उन्होंने उप्र राज्य निर्माण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखना है कि मेडिकल कक्षाएं, जो वर्ष 2017 से प्रारम्भ हो जाएंगी, उसके लिए एमसीआई के मानक के अनुसार सुविधाए मुहैया करानी हैं, उसे यथासमय पूर्ण कर लिया जाय। मंडलायुक्त ने बताया कि इसके निर्माण हेतु शीघ्र 50 करोड रूपया अनुपूरक बजट में स्वीकत कर दिया जाएगा। साथ ही जो अन्य धनराशि की आवश्यकता पडेगी, उसके लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां यथासमय पूरी कर ली जाय। मेडिकल कालेज में पानी की व्यवस्था के लिए शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश उन्होंने मौके पर उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी को दिए। इसके अलावा मेडिकल कालेज परिसर में खेल के मैदान समेत लिंक मार्ग आदि की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने किए जा रहे निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अवशेष कार्य को समय से पूर्ण कर लिया जाय। वहां पर कार्य कर रहे मजदूरों के बच्चों की पढाई के लिए भी विद्यालय की व्यवस्था करने के निर्देश भी सीडीओ को दिए। मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दोरान कहा कि विकास भवन से कोसी क्षेत्र तक मास्टर प्लान तैयार किया जाय, ताकि जिस तरह से यहां पर निर्माण कार्य हो रहा है, उसके बाद वहां पर विद्यालय, बाजार सहित अन्य सुविधाएं मुहैया हो सकें। इसके बाद उन्होंने बेस अस्पताल में पहुंचकर वहां पर हो रहे कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया और कहा कि निर्माण कार्यों को यथासमय पूरा कर लिया जाए। इसके बाद उन्होंने चिकित्सालय के जनरल वार्ड का निरीक्षण किया और वहां पर शौचालयों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद वार्डो में जाकर मरीजों से कुशलक्षेम पूछी और मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में जानकारी ली। वहां पर किसी के मरीज के पास ये कार्ड उपलब्ध नहीं मिले। इस पर सीएमओ को निर्देश दिए कि पात्र लोगों का अस्पताल में कार्ड बनाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक वार्ड में प्रचार प्रसार के लिए फृलेक्सी भी लगाई जाय। इस दौरान अस्पताल के बायो मेडिकल वेस्ट के बारे में जानकारी ली और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि शीघ्र ही प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क कर इसका निदान कराना सुनिश्चित कराएं। साथ ही बेस अस्पताल में ड्रेनेज व्यवस्था के लिए भी जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राज मार्ग के अधिकारियों के साथ उसकी व्यवस्था करें। बेस अस्पताल में बंद पडी सीटी स्कैन मशीन व मेमोग्राफी मशीन अन्य जो भी उपकरण बंद या खराब पडे हैं, उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इसके लिए तकनीशियन भेज कर यदि ठीक कराया जाना संभव हो, तो उसे ठीक कराया जाएगा। मंडलायुक्त ने सीएमओ को निर्देश दिए कि यथासंभव सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराई जाय। दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाए, बाहर से कोई मरीज दवा क्रय नहीं करे इसका ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की स्थापना चिकित्सालयों में शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है, इसका लाभ भी अधिकाधिक मरीजों को मिले। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि प्रथम वर्ष की कक्षाएं चालू करने के लिए बेस अस्पताल में जो भी औपचारिकताएं होनी है, उन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाय। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, सीडीओ जेएस नागन्याल, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा आशुतोष सयाना, परियोजना प्रबंधक विवेक अरोडा के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होने डीएम को निर्देश दिए कि चिकित्सा विभाग व कार्यदायी संस्था के साथ हर सप्ताह बैठक कर निर्माण कार्य में तेजी लाएं साथ ही चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों की संख्या सौ तक बनी रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए ताकि एमसीआई के मानकों के अनुरूप औपचारिकता पूर्ण हो सके और मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाय। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी विवेक राय, सीएमओ डा आरसी पंत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा योगेश पुरोहित, ईई लोनिवि एससी पांडे, ईई ग्रामीण विकास विभाग आशुतोष कौशिक, तहसीलदार प्रयाग दत्त सनवाल, इंजीनियर ललित पंत, अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डा डीपी दुर्गापाल, समेत कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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