पलायन को रोकने के लिए प्रदेश का पहला हस्तििशल्प संस्थान मील का पत्थर साबित होगा मा0 विधानसभा अध्यक्ष

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पलायन को रोकने के लिए प्रदेश का पहला हस्तििशल्प संस्थान
पलायन को रोकने के लिए प्रदेश का पहला हस्तििशल्प संस्थान

पलायन को रोकने के लिए प्रदेश का पहला हस्तििशल्प संस्थान मील का पत्थर साबित होगा मा0 विधानसभा अध्यक्ष : पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश का पहला हस्तशिल्प संस्थान ऐतिहासिक जनपद अल्मोड़ा में खोला गया है यह बात प्रदेश के मा0 विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने आज गुरूणाबाज में संस्थान के भूमि पूजन व स्व0 हरि प्रसाद टम्टा की मूर्ति के अनावरण के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में यह संस्थान तैयार हो जायेगा। मा0 विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हस्तशिल्प सहित हमारी पारम्परिक शिल्प को बढ़ावा देने के उददेश्य से गुरूणाबाज में हरि प्रसाद टम्टा पारम्परिक शिल्प संस्थान खोला गया है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संस्थान के लिए प्रथम चरण में 36 करोड़ की लागत से भवन तैयार किया जायेगा और अगले साल तक भवन तैयार हो जायेगा इसमें हमारे पारम्परिक काम करने वाले शिल्पकार नई तकनीकी जानकारी दी जायेगी और युवाओं को डिप्लोमा का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह संस्थान बन जाने से युवाओं के शिल्पकला के क्षेत्र यह मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि यहाॅ पर स्थानीय ग्राम चामी, लधोली सहित अन्य समीपस्थ गाॅवों के 30 प्रतिभागियों को ताम्र शिल्पकला प्रशिक्षण 02 माह तक गुजरात से आये राष्ट्रीय डिजाइनिंग इन्स्टटू अहमदाबाद के शिक्षक कार्तिकों प्रशिक्षण देंगे। मा0 विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव व जागेश्वर महोत्सव आयोजित करने के बाद पर्यटन के क्षेत्र में जागेश्वर क्षेत्र का महत्व और भी बढ़ गया है जहाॅ पर यह संस्थान स्थापित किया जा रहा है वहाॅ पर हैलपैड की सुविधा सहित सड़क की सुविधा है इसी के समीप राजकीय महाविद्यालय भी स्थापित है और तहसील भनोली का मुख्यालय भी इसी के समीप है। मा0 विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इससे जहाॅ एक और पर्वतीय क्षेत्र से पलायन रूकेगा वहीं युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रशान्त भैसोड़ा, ब्लाॅक प्रमुख पीताम्बर पाण्डे, नोडल अधिकारी फतेह बहादुर सिंह, उप निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र नैनीताल दीपक मुरारी, महाप्रबन्धक उद्योग केन्द्र अल्मोड़ा कविता भगत, रवि शंकर अन्य ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस संस्थान के बन जाने से विलुप्त हो रही ताम्र , शिल्पकला आदि पुर्नजीवित हो जायेगी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान जागेश्वर हरि मोहन भटट, पूरन बिष्ट, एडवोकेट प्रमोद कुमार सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित थे। अल्मोड़ा 10 नवम्बर, 2016 (सू0वि0) जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि प्रदेश में बीस सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा जनपद स्तर, मण्डल स्तर व राज्य स्तर पर निरन्तर की जा रही थी। जिसके परिणाम स्वरूप जनपद अल्मोड़ा माह अक्टूबर में प्रदेश में अवरोही क्रम में प्रथम रैकिंग में अपना स्थान बना चुका है। उन्होंने बताया कि इसी तरह प्रदेश में कुमाऊ मण्डल प्रथम तथा गढ़वाल मण्डल द्वितीय स्थान पर अपनी रैकिंग बना चुका है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा श्रेणीवार मदो में 14 में ए श्रेणी, 05 में बी श्रेणी, 02 में सी श्रेणी और 02 में डी श्रेणी में अपना स्थान प्राप्त कर चुका है। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर बीस सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही थी और अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिये गये थे इसके परिणाम स्वरूप बीस सूत्रीय कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्यों में तेजी लायी जिसके परिणाम स्वरूप जनपद प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त कर सका इसके लिए बीस कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी बधाई के पात्र है साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि बीस सूत्रीय कार्यक्रमों की सूचना यथा समय अर्थ संख्याधिकारी को सभी अधिकारी भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने इसी तरह अन्य कार्यक्रमों में भी जनपद को प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। अल्मोड़ा 10 नवम्बर, 2016 (सू0वि0) जिलाधिकारी सविन बंसल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी समस्त उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रोवेशन अधिकारी, महाप्रबन्धक भारतीय संचार निगम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, श्रम प्रर्वतन अधिकारी, प्रभारी राजकीय संग्रहालय, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका, जिला बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिये है कि उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार चाइल्ड लाइन 1998 का राज्य स्तर पर व्यापक प्रचारप्रसार किया जाना है ताकि बाल अधिकार संरक्षण व बाल संरक्षण योजना के माध्यम से जनपद स्तर पर बच्चों की सुरक्षा व उन्हें संरक्षण दिया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि चाइल्ड लाइन 1998 की जानकारी न होने के कारण इस पर शिकायतें प्राप्त नहीं हो रही है इसलिए इसका अधिकाधिक उपयोग अपने स्तर से कराना सुनिश्चित करेंगे। अल्मोड़ा 10 नवम्बर, 2016 (सू0वि0) जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि सेवानिवृत्त बाल विकास परियोजना अधिकारी कु0 धनी साह ने बाल विकास परियोजना हवालबाग अल्मोड़ा में 07 केन्द्रों के अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया है। उन्होंने बताया कि विगत दिनो उन्होंने मेरे से भेंट कर यह इच्छा जाहिर कि मै अति कुपोषित बच्चों को गोद लेकर और उनकी माताओं को कुपोषण के बारे में परामर्श देने का कार्य करना चाहती हूॅ। इस पर जिलाधिकारी प्रसन्नता व्यक्त की, कि इस तरह की सेवा से न केवल अति कुपोषित बच्चों को संरक्षण मिलेगा अपितु उनकी माताओं को भी कुपोषण की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। जिलाधिकारी ने बताया हवालबाग ब्लाॅक के सरसो के 01, खडकूना 01, मटैना 01, राजपुरा के 04 बच्चों को गोद लिया है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि कु0 धनी साह द्वारा बेतालघाट व ताकुला के बच्चों को भी पोष्टिक सत्तू का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि यदि साह को कोई सहयोग की आवश्यकता पडे तो आप उसे यथाचित सहयोग प्रदान करेंगे। सेवाकाल के दौरान भी उनके द्वारा स्वयं घर में सत्तू बनाकर उसका वितरण किया गया है। समाज के अति कुपोषित व निर्बल वर्गो के लिए की जा रही यह निस्वार्थ सेवा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

पलायन को रोकने के लिए प्रदेश का पहला हस्तििशल्प संस्थान
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