महिलाओं के अािर्थक एवं सामाजिक विकास में सहकारी बैंकांे की अह्म भूमिका हरीश रावत, मुख्यमंत्री

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महिलाओं के अािर्थक एवं सामाजिक विकास में सहकारी बैंकांे की अह्म भूमिका
महिलाओं के अािर्थक एवं सामाजिक विकास में सहकारी बैंकांे की अह्म भूमिका

महिलाओं के अािर्थक एवं सामाजिक विकास में सहकारी बैंकांे की अह्म भूमिका हरीश रावत, मुख्यमंत्री : मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सहकारी समितियां, राज्य सहकारी बैंक, तथा जिला सहकारी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सहकारी कृषक महोत्सव 2016 का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। उन्होनें इस अवसर पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगायी गयी संयुक्त विकास प्रदर्शनी का भी रिबन काटकर तथा गुब्बारे छोडकर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर लगाये गये विभिन्न विकास मण्डपों का भी निरीक्षण किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा प्रदर्शित उत्पादों एवं उनके कौशल की तारीफ की। इस अवसर पर उनके साथ सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य, विधायक सरिता आर्य, अध्यक्ष जिला पंचायत सुमित्रा प्रसाद, अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक संजीव आर्य भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री एवं विशिष्ट जनों द्वारा सहकारिता विभाग द्वारा प्रकाशित स्वयं सहायता समूहों हेतु लघु व्यवसाय मार्गदर्शक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ने अपनी 16 वर्ष की यात्रा में सहकारिता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की वार्षिक विकास दर राष्ट्रीय विकास दर से लगभग डेढ गुनी है। औद्योगिक विकास दर 16 प्रतिशत व सेवा क्षेत्र में 12 व कृषि विकास दर 5.5 प्रतिशत बनी हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय एवं औसत आय तेजी से आगे बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी है। उन्होनें कहा कि प्रदेश के कृषकों को 4,41,341 लाख अल्पकालीन/मध्यकालीन ऋण 05 प्रतिशत की दर पर सहकारी सहभागिता योजना के अन्तर्गत उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सहकारी समितियों में लगभग 01 लाख 07 हजार नये सदस्य भर्ती किये गये हैं। मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत स्थानीय कृषकों से 111951 मीट्रिकटन गेहूं व 146565 मीट्रिकटन धान की खरीद की गयी। उन्होनें कहा कि कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रदेश की सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को लगभग 04 लाख 36 हजार मीट्रिकटन यूरिया, 60 हजार मीट्रिकटन डीएपी, 01 लाख 08 हजार मीट्रिकटन एनपीके एवं 01 हजार 470 मीट्रिकटन एनओपी रासायनिक उर्वरक वितरण किया गया। उन्होनें कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिग सुविधाओं का विस्तार कर सहकारी समितियों में संचालित ग्रामीण बचत केन्द्रो के माध्यम से 46202 लाख की धनराशि जमा करायी गयी है। श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड समावेशी विकास के रास्ते पर कदम आगे बढ़ा रहा है। उत्तराखण्ड सर्वाधिक प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने वाला पहला राज्य है। उन्होनंे कहा कि 2014 में पेंशन लाभार्थियों की संख्या मात्र 01 लाख 74 हजार थी, जो अब बढ़कर 07 लाख 25 हजार हो गयी है। उन्होनें कहा कि पेंशन की धनराशि को 400 रूपये से बढ़ाकर 1000 कर दी गयी है। विधवा, वृद्धावस्था एवं विकलांग पेंशन के अलावा अब अक्षम व परितक्वता नारी, विक्षिप्त व्यक्ति की पत्नी, बौना पंेशन, जन्म से विकलांग बच्चों को पोषण भत्ता दिया जा रहा है। साथ ही किसान, पुरोहित, कलाकार, शिल्पकार, पत्रकार, निर्माणकर्मी के साथ ही जंगरिया, डंगरिया को भी पेंशन प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही सरकार प्रत्येक नागरिक को सुरक्ष कवच उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। खिलती कलियां योजना, बच्चों के कुपोषण उन्मूलन योजना भी सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। सडक से वंचित गांव को सडक से जोडने के लिए मेरा गांव मेरी सडक, प्रधानमंत्री सडक योजना के अन्तर्गत 1425 करोड से 77 किमी सडक निर्मित कर 227 गांव को पहली बार सडक से जोडा जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार 1000 किमी नई सड़कों का कार्य प्रारम्भ किया गया है। साथ ही सामुहिक खेती के लिए महिला मंगल दलों एवं समुहों को 01 लाख की धनराशि प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पहला राज्य है जिसमें किसानों को पेंशन दी जा रही है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय व परम्परागत खेती को प्रोत्साहन देने के लिए फसलों पर बोनस दिया जा रहा है। उन्होनें कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देेने के साथ ही फल पौधशालाओं की स्थापना की जा रही है। बेमौसमी सब्जी को बढ़ावा देते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पादित स्थानीय एवं परम्परागत फसलो का समर्थन मूल्य भी दिया जा रहा है। श्री रावत ने अपने सम्बोधन में संजीव आर्य को बधाई देते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से बैकों को जो पूंजी निवेश बढ़ा है और उसके अलावा सहकारी बैंको ने महिलाओं के आर्थिक विकास एवं आत्मविश्वास बढ़ाया है, उसके लिए सहकारिता एवं सहकारी बैंक बधाई के पात्र है। महिला स्वयं सहायता समूहों में नई ऊर्जा पैदा करने मंे सहकारी बैंक अपने विशिष्ट रूप में आया है। विधायक सरिता आर्या की मांगों पर गौर करते हुए उन्होनंे राजकीय बालिका इण्टर कालेज भवाली में विज्ञान विषय की घोषणा की और कहा कि भवाली में सीवरेज समस्या के निराकरण के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उसको वह व्यक्तिगत तौर पर अनुश्रवण करेंगे और सकारात्मक कार्यवाही करेंगे। उन्होनें भवाली के नाले को पाटने के लिए अध्यक्ष नगरपालिका नीमा बिष्ट से कहा कि वह इसका प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से तत्काल उनको भिजवायें। इस प्रोजेक्ट पर भी धनराशि की व्यवस्था जल्द की जायेगी। अध्यक्षीय सम्बोधन में सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश के कृषकों को आपदा बाढ से हुई क्षतिपूर्ति हेतु सरकार द्वारा राहत प्रदान करने के लिए लगभग 57 लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। सहकारी सहभागिता योजना के अन्तर्गत वितरित ऋण पर कृषकों को ब्याज पर अनुदान देने हेतु 6111 लाख की लम्बित धनराशि शासन से अवमुक्त कर दी गयी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना में आगामी 03 वर्षों हेतु 1444 लाख की धनराशि अनुदान हेतु स्वीकृत कर दी गयी है। राज्य के सहकारी बैंकों को आधुनिकतम बनाया जा रहा है, उनमें सीबीएस प्रणाली लागू कर दी गयी है। उन्होने भारत सरकार द्वारा सहकारी बैंको में पुराने 500 व 1000 के नोट न लिये जाने के प्रतिबन्ध पर कहा कि यह किसानों के हित में भारत सरकार का कदम उचित नहीं है। इससे किसानों को दिक्कत हो रही है। कहीं रबी की बुआई भी प्रभावित है। आज किसान पैसे के लिए दरदर भटक रहा है। अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक संजीव आर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि सहकारिता विभाग सहकारी बैंको के माध्यम से किसानों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहा है। वहीं महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए भी सहकारी बैकों ने प्रदेश के 7220 महिला स्वयं सहायता समूहों को 01 करोड 50 लाख की धनराशि बतौर आर्थिक सहायता दी है। वहीं महिलाओ ने अपने श्रम व सहकारिता की भावना से सहकारी बैंकों में 05 करोड की धनराशि जमा करायी है। सहकारी बैंको द्वारा प्रदेश में नये लगभग 50 हजार स्वयं सहायता समूहों के गठन का कार्य किया जा रहा है। सहकारी बैंको द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को मुक्त भाव से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होनें बताया कि सहकारिता की भावना से आने वाले पर्यटकों को प्रदेश के दूरदराज ग्रामों में ठहरने की सुविधा के लिए होम स्टे सुविधा भी दी जा रही है। उन्होनें बताया कि सहकारी बैंको द्वारा 705048.93 लाख के सापेक्ष 172105.55 लाख का ऋण वितरण किया गया है। वर्तमान में बैंको की कार्यशील पूंजी 1005578.06 लाख है। उत्तराखण्ड में राजकीय सहकारी समितियों द्वारा 25 हजार से भी अधिक लोगों को प्रत्यक्षत तथा लगभग 03 लाख व्यक्ति को अप्रत्यक्षत रोजगार लाभ दिया है। अध्यक्ष नैनीताल जिला सहकारी बैंक राजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि सहकारी समितियों को सुदृढ बनाने हेतु नाबार्ड के सहयोग से जिला सहकारी बैंको में पैक्स डेवलपमेंट सेल का गठन किया गया है। उक्त सेल के माध्यम से सहकारी समितियों का चयन कर उन्हें बहुद्देशीय सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जा रहा है

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