विमुद्रीकरण से उत्पन्न प्रभावों को जानने के लिये बैठक आयोजित

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विमुद्रीकरण से उत्पन्न प्रभाव
विमुद्रीकरण से उत्पन्न प्रभाव

Effects resulting from the meeting knowing demonetization

विमुद्रीकरण से उत्पन्न प्रभावों तथा इसके दौरान आ रही समस्याओं पर आज एस0एस0जे0 परिसर अल्मोडा के आडिटोरियम में भारत सरकार के वित्त पर्यवेक्षक विक्रमजीत सिंह उप सचिव ऊर्जा मंत्रालय ने विभिन्न संगठनों एवं विभागों के लोगों से समस्याओं के बारे में जानकारी ली और सुझाव प्राप्त कियं। उन्होने कहा कि विमुद्रीकरण के दौरान लोगों को जो भी परेशानियां हो रही हैं उसका आकलन कर रिर्पोट भारत सरकार को प्रस्तुत की जाएगी। इस दौरान इंटक के जिलाध्यक्ष दीपक मेहता ने मजदूरों को हो रही समस्याओं से अवगत कराया और सुझाव दिया कि जल्दी ही छोटे नोटों की मात्रा बढ़ाई जाय। भाजपा जिलाध्यक्ष ललित लटवाल ने भी अपने सुझाव रखते हुए कहा कि नियमों में और शिथिलिकरण किया जाए और सभी बैंकों में पर्याप्त मात्रा में करेन्सी की आपूर्ति की जाए। डे केयर सेन्टर आनन्द सिंह ऐरी और पंकज वर्मा सहित अन्य लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि बैंकांे मे यदि 2000रू के नोटों के बजाय 500रू के नोटांे की उपलब्धता बनी रहेगी तो इससे समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। इस अवसर पर प्रोफेसर एन0एस0 भण्डारी ने कहा कि यहां पर अधिकांश मात्रा में नेपाली मजदूरों द्वारा मजदूरी का काम किया जाता है उनका बैंकांे में खाता न होने के कारण उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है इसके लिए भी समाधान खोजा जाय। व्यापार संघ के अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, जिला पंचायत सदस्य धामस बिशन सिंह बिष्ट, उत्तराखण्ड परिवहन निगम के सदस्य महेश चन्द्र जोशी ने सुझाव रखा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्ट आफिस और मिनी बैंकों में भी नकदी की उपलब्धता बनी रखे इसका भी विशेष ध्यान रखा जाय साथ ही वक्ताओं ने यह भी सुझाव रखा कि स्टेट बैंक जनपद में अन्य संचालित बैंकों पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है इस पर वित्त पर्यवेक्षक ने मौके पर उपस्थित लीड बैंक अधिकारी को निर्देश दिये कि बैकों को उनकी जमा नकदी की अनुपात के अनुसार नकदी की वितरण करना सुनिश्चित करें। इस दौरान वित्त पर्यवेक्षक ने आबकारी, वाणिज्य कर, आयकर, परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों में विमुद्रीकरण से पड रहे प्रभाव की जानकारी प्राप्त की। जिसमें बताया गया कि अभी तक राजस्व प्राप्त करने के दौरान कोई विशेष प्रभाव अभी तक नही पड़ा है। इस अवसर पर बैंक प्रतिनिधियों ने भी अपनेअपने सुझाव रखे। इस दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने केन्द्र के वित्त पर्यवेक्षक को आश्वस्त करते हुये कहा कि जिला प्रशासन विमुद्रीकरण से पड रहे प्रभाव पर निरन्तर नजर रखे हुए है इसके बावजूद भी आप के द्वारा जो मार्गदर्शन दिया जाएगा उसका भी अनुपालन किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस सम्बन्ध में निरन्तर मेरे द्वारा लीड बैंक अधिकारी को निर्देशित किया जा रहा है कि जनपद मे जहां पर भी विभिन्न बैंको एटीएम लगे हैं उनमें नकदी की व्यवस्था बनी रहे। इसके साथ ही वर्तमान में शादी के मौसम को देखते हुए सभी बैंक यथा सम्भव नियमानुसार सहयोग प्रदान करेगें। लीड बैंक अधिकारी मदन गोपाल वर्मा ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा समयसमय पर दिये गये निर्देशांे का अनुपालन किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बैंकों में रूपये निकालने हेतु अधिक भीड़ न लगे इसके लिए विभिन्न बैंकों के एटीएम में नकदी की उपलब्धता बनाये रखने की व्यवस्था की जा रही है। लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि जनपद में विभिन्न बैंकों की 149 शाखाऐं हैं जिनमें से 113 मे एटीएम स्थापित हैं जिन्हें चालू हालत में रखते हुए नकदी की व्यवस्था भी करायी जा रही है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जे0एस0 नागन्याल, अपर जिलाधिकारी के0एस0 टोलिया, मुख्य कोषाधिकारी विक्रम सिंह जन्तवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक स्टेट बैंक महेश बथ्र्वाल, निदेशक आरसेटी पी0सी जोशी, सचिव/महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक पी0के0एस0 फत्र्याल, सहायक आयुक्त आयकर कमल किशोर जोशी, उपजिलाधिकारी विवेक राय, सहायक आयुक्त आबकारी मनोज उपाध्याय,तहसीलदार पी0डी0 सनवाल, एआरटीओ विमल पाण्डे, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, श्रम प्रर्वतन अधिकारी आशा पुरोहित, एसडीओ विघुत मनोज तिवारी, पे्रस क्लब के सचिव रमेश जोशी, सचिव व्यापार मण्डल,मनोज पवार, धर्मेन्द्र बिष्ट सहित विभिन्न संगठनो के प्रतिनिधि और अन्य लोग उपस्थित थे।

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