विस्तृत समाचार दुग्ध पेकेजिंग मशीन एवं दुग्ध शाला का लोकार्पण

0
118

इस अवसर पर संसदीय सचिव ने दुग्ध पालको को सम्बोधित करतेे हुए कहा कि जनपद में पेकेजिंग मशीन की स्थापना से क्षेत्रीय जनता को शुद्ध दूध आसानी व सुगमता से प्राप्त हो सकेगा। संसदीय सचिव ने दुग्ध उत्पादकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पातद ग्रामीण अर्थ व्यवस्था का आधार है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा उत्पादकों को प्रति लीटर दुग्ध उत्पादन पर 4 रूपये व पूर्ण रूप से महिला डेयरी समूहों को 5 रूपये प्रति लीटर बोनस के रूप में दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें पशुपालन में आधुनिक तकनीकि का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए जिससे कि दुग्ध उत्पादन को और अधिक बढ़ाया जा सके। उन्होने कहा कि गौंठ साफ, स्वच्छ होनी चाहिए तथा गौंठ में हवा के आने जाने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए ताकि पशु बीमार न पड़ सके व अधिक दूध देने में सक्षम रहे। उन्होंने कहा कि अधिक दुग्ध उत्पादन हेतु पशुओं को मौषम के अनुसार सन्तुलित आहार देना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि समाज में बेटी एवं बेटों में किसी भी प्रकार का फर्क नहीं करना चाहिए तथा बेटियों को भी बेटों के समान ही अवसर प्रदान किये जायें। इस अवसर पर उन्होंने सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योेजनाओं की जानकारी जनता को दी। विशिष्ट अतिथित जिलाधिकारी डाॅ.अहमद इक़बाल ने दूध से होने वाले लाभों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि दूध में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते है जिस कारण दूध को श्रेष्ठ आहार माना जाता है। उन्होंने कहा कि बीमार व्यक्तियों सहित स्वस्थ व्यक्ति को भी प्रति दिन दूध आहार के रूप में ग्रहण करना चाहिए, जिससे कि व्यक्ति की रोग प्रतिरोधन क्षमता अधिक मजबूत रहे तथा व्यक्ति होने वाली बीमारियों से बचा रहे सके। इस अवसर पर यूसीडीएफ के चेयरमेन अर्जुन रौतेला, दुग्ध संघ चम्पावत के अध्यक्ष अमर सिंह कोटियाल, दुग्ध संघ चम्पावत के सचिव राजेश मेहता आदि ने भी अपनेअपने विचार रखे। इस अवसर पर दुग्ध उपार्जन एवं दुग्ध गुणवत्ता पर श्रेष्ठ कार्य करने वाली समितियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली समितियों में दुग्धपोखरा, पल्सों, ललुवापानी, चैड़ाराजपुरा, मोत्यूराज, पण्डित बस्ती, लिस्ता, देवीपुरा मझगाॅ, बिसारी आदि शामिल थी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY