उत्तराखण्ड को मिली साॅफ्टवेयर टैक्नोलाॅजी पार्क आॅफ इंडिया की सौगात

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उत्तराखण्ड को मिली साॅफ्टवेयर टैक्नोलाॅजी पार्क आॅफ इंडिया की सौगात

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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भारत सरकार, श्री रवि शंकर प्रसाद ने बुधवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भेंट की। मुख्यमंत्री श्री रावत एवं केन्द्रीय मंत्री श्री प्रसाद के बीच राज्य में सूचना प्राॅद्योगिकी के विस्तार के संबंध में चर्चा की गयी। केंद्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि ईहेल्थ योजना के अंतर्गत राज्य के 6 बड़े अस्पतालों को ईअस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। आगामी 56 माह में इसे लागू कर दिया जाएगा। इससे राज्य के किसी भी क्षेत्र से आम व्यक्ति इन अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन करा सकेगा। केवल मोबाईल से ही इन अस्पतालों में चेकअप के लिए समय लिया जा सकेगा। एनआईसी इसमें अपना वैज्ञानिक व तकनीकी सहयोग देगा। देश के 70 अस्पतालों में इसे लागू कर दिया गया गया है। राज्य की 30 पंचायतों को ईविलेज योजना के अंतर्गत स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश भर के 1000 गांव इस योजना में सम्मिलित किये गए हैं। उन्होंने सी.जे.एम., भारत संचार निगम लिमिटेट को निर्देश दिये कि राज्य के सभी अस्पतालों सहित नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों को शीघ्र ही इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करायी जाए। देश भर के छोटे कस्बों व शहरों में बीपीओ खोले जा रहे हैं। उत्तराखण्ड को 400 सीट बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बी.पी.ओ.) की दी गयी हैं। इसका पहला सेंटर देहरादून में खोला जाएगा। इसमें प्रति सीट केंद्र सरकार 1 लाख रूपए सब्सिडी देगी। इनमें भी महिलाओं, स्थानीय प्रतिभाओं व दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी। देहरादून में बीपीओ से सहायक उद्योग भी विकसित होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। राज्य में साईबर सुरक्षा का फोरेंसिक सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। सीडैक के वैज्ञानिकों द्वारा फाॅरेंसिक टूल सेवा के प्रशिक्षण तहत 800 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2019 में सेंटर उŸाराखण्ड सरकार को सौंप दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री प्रसाद ने कहा कि देहरादून के आई.टी. पार्क को सशक्त बनाने के साथसाथ पंतनगर में एक साॅफ्टवेयर टेक्निोलाॅजी पार्क विकसित किया जाएगा। जिसके लिये भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। वर्तमान में देहरादून के आईटी पार्क से केवल 80 करोड़ रूपए का निर्यात होता है। इसे बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही प्रदेश में नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ इलेक्ट्राॅनिक्स एंड इनफाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी (छप्म्स्प्ज्) सेंटर खोले जाएंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ इलेक्ट्राॅनिक्स एंड इनफाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी का एक सेंटर हरिद्वार में खोला जाएगा इसके साथ ही अल्मोड़ा में एक सब सेंटर भी खोला जाएगा। उŸाराखण्ड में एनआईसी का क्लाउड सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इसमें लाखोंकरोड़ों दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे। यह सिस्टम डाटा सेंटर के तौर पर काम करेगा। सीडैक द्वारा एक ऐसा साफ्टवेयर भी विकसित किया जा रहा है जिससे सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं का डाटाबेस रहेगा। एक जगह से ही माॅनिटरिंग की जा सकेगी। सभी बड़े अस्पताल इससे जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश को बड़ी सौगात दी गई है। विभिन्न सेंटरों के लिए राज्य सरकार जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध करवा देगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल ही में भुवनेंश्वर दौरे के समय केंद्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद से भेंट कर राज्य में आईटी के क्षेत्र में असीम सम्भावनाओं को देखते हुए सहयोग किए जाने का अनुरोध किया था। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत ने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत भाग में नेटवर्क कनेक्टिविटी हो गयी है परन्तु पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्र अभी भी कनेक्टिविटी से वंचित हैं। पर्यावरण एवं ईको सेंसिटिव जोन घोषित होने से राज्य की बहुत सी परियोजनाएं अधूरी हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने यह भी बताया कि आधार कार्ड के क्षेत्र में उत्तराखण्ड राज्य काफी तेजी से कार्य कर रहा है। दिव्यांगों के आधार कार्ड बनवाने में आँखों की पुतली की स्कैनिंग समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने इसके लिये कोई अन्य विकल्प रखे जाने की बात कही।

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